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Volume : XIV, Issue : X, November - 2024 पंचायत व्यवस्था का ग्रामीण सामाजिक जीवन पर प्रभाव : बिलासपुर ज़िले के संदर्भ में डॉ. सुश्री आरती तिवारी , None By : Laxmi Book Publication Abstract : भारत में ग्रामीण शासन एवं सामाजिक जीवन के स्वरूप को निर्धारित करने में पंचायती राज व्यवस्था की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक मान्यता प्रदान किए जाने के पश्चात पंचायती राज संस्थाएँ विकेंद्रीकृत लोकतंत्र एवं ग्रामीण विकास की प्रमुख संस्थाओं के रूप में उभरकर सामने आईं। Keywords : Article : Cite This Article : डॉ. सुश्री आरती तिवारी , None(2024). पंचायत व्यवस्था का ग्रामीण सामाजिक जीवन पर प्रभाव : बिलासपुर ज़िले के संदर्भ में. Indian Streams Research Journal, Vol. XIV, Issue. X, http://isrj.org/UploadedData/11598.pdf References : - Aziz, A. (1995). Decentralisation: Mandal Panchayat system in Karnataka. National Institute of Rural Development.
- Atmanand (Ed.). (1999). Financing of panchayati raj. Excel Books.
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