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Volume : XVI, Issue : I, February - 2026 कन्नड नाट्य क्षेत्र को श्रीरंग का योगदान डॉ. सुजाता पी. फातरपेकर, None By : Laxmi Book Publication Abstract : प्रो. आर. व्ही. जागीरदार उर्फ 'श्रीरंग' सामाजिक जीवन और समस्याओं के प्रति पैनी दृष्टि रखनेवाले नाटककार है समाज, भगवान, धर्म आदि के प्रति कटु विडम्बना ही इनके नाटकों में अधिक है सवादों में आस्कर वाइल्ड का वाक् चातुर्य तथा विडम्बना में बर्नाड शॉ का अनुकरण दृष्टिगोचर होता है। Keywords : Article : Cite This Article : डॉ. सुजाता पी. फातरपेकर, None(2026). कन्नड नाट्य क्षेत्र को श्रीरंग का योगदान. Indian Streams Research Journal, Vol. XVI, Issue. I, http://isrj.org/UploadedData/11702.pdf References : - श्रीरंग जीवन तरंग = प्रो. जी.एस.अमुर १९६४ सरस्वती विषय, धरवाड
- कन्नड संगभूमि पुरोभिवृद्धि आद्य रंगाचार्य १९७८. कर्नाटक विश्व, विद्यालय धारवाड
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