|
Volume : X, Issue : VII, August - 2020 साहित्यिक-सांस्कृतिक विविधता और भारतीय लोकतंत्र डाॅ. विशाल श्रीवास्तव, None By : Laxmi Book Publication Abstract : यह शोध-पत्र भारतीय लोकतंत्र और साहित्यिक-सांस्कृतिक विविधता के अंतर्संबंध का विश्लेषण प्रस्तुत करता है, जिसमें यह प्रतिपादित किया गया है कि भारत की बहुलतावादी संरचना में लोकतंत्र केवल एक राजनीतिक प्रणाली न होकर सांस्कृतिक अभिव्यक्ति, भाषाई विविधता और सामाजिक समावेशन का सशक्त माध्यम है। Keywords : Article : Cite This Article : डाॅ. विशाल श्रीवास्तव, None(2020). साहित्यिक-सांस्कृतिक विविधता और भारतीय लोकतंत्र. Indian Streams Research Journal, Vol. X, Issue. VII, http://isrj.org/UploadedData/11749.pdf References : - ऑस्टिन, जी. (1999). द इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन: कॉर्नरस्टोन ऑफ अ नेशन. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस।
- कोठारी, रजनी. (1970). पॉलिटिक्स इन इंडिया. ओरिएंट ब्लैकस्वान।
|
Article Post Production
No data exists for the row/column.
|