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Volume : XVI, Issue : V, June - 2026 रत्नकुमार सांभरिया के कथा साहित्य में राजनीतिक चेतना का अध्ययन आरती साकेत , डाॅ. निर्मला साहू By : Laxmi Book Publication Abstract : राजनीतिक चेतना किसी भी समाज के नागरिकों में अधिकारों, कर्तव्यों तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने वाली वह वैचारिक शक्ति है, जो सामाजिक संरचना को अधिक न्यायपूर्ण और समतामूलक बनाने की दिशा में प्रेरित करती है। Keywords : Article : Cite This Article : आरती साकेत , डाॅ. निर्मला साहू (2026). रत्नकुमार सांभरिया के कथा साहित्य में राजनीतिक चेतना का अध्ययन. Indian Streams Research Journal, Vol. XVI, Issue. V, http://isrj.org/UploadedData/11819.pdf References : - सांभरिया, रत्नकुमार. फुलवा एवं अन्य कहानियाँ. जयपुरः साहित्यागार प्रकाशन, 2010, पृ. 42-50.
- अम्बेडकर, भीमराव रामजी. ।ददपीपसंजपवद व िब्ंेजम. नई दिल्लीः क्रिटिकल क्वेस्ट, 2014, पृ. 52-58.
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